Monday, April 4, 2011

जो हारा, वो बुरा बन गया, जो जीता, वो मन का मीत


जो हारा, वो बुरा बन गया, जो जीता, वो मन का मीत

विश्वविजेता धोनी जैसे, लोगों के सम्मान में ! 
दीवाली के बचे पटाखे, छूटे हिंदुस्तान में !!   


क्रिकेट में हार- जीत ! 
जो हारा, वो बुरा बन गया,  जो जीता, वो मन का मीत !!     


खूनी संघर्ष ! 
अब कुछ चैन मिला इस वर्ष ??  


कई ज़ख़्मी ! 
कथा हो गई पूरी रस्मी ??  


कागज़ी योजनायें ! 
अगर आपको बनवानी हों, मंत्रालय आकर समझायें !!  


विदेशी मुद्रा के साथ शिक्षा मंत्री हिरासत में ! 
यह अधिकार मिला है शायद, इनको पूर्ण विरासत में !!  


थाना-दिवस में ! 
हर जम्हाई सजग रही पर, बीता पूरा दिन आलस में !!  


सन्नाटा ! 
सरकारी दफ़्तर में हो तो, होता सुविधा- शुल्की घाटा !!  


चिकित्सा ! 
इससे जो भी बुरा हुआ है, लगता है, जैसे हो हित सा !!  


सेवायें ! 
मुर्दे से पूछें, इलाज़ से, पूर्व, “अन्य सेवा बतलायें !!”


hindwaarta

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